AMRITSAR, INDIA - APRIL 19: An Indian farmer checks his wheat crop damaged in rain in village on April 19, 2014 near Amritsar, India. Farmers in Punjab have incurred huge losses as heavy rainfall has damaged wheat crops, washing away prospects of bumper wheat production.(Photo by Sameer Sehgal/Hindustan Times via Getty Images)
पहले से बारिश की मार झेल रहे किसानों के सामने एक बार फिर मौसम के अचानक बदले मिजाज ने धान के साथ गन्ने की फसल को चौपट कर डाला। तराई क्षेत्र में धान की फसल पकने के दौर में है। ऐसे में बारिश से फसल को पहले से ही काफी नुकसान हो चुका है। शुक्रवार को खेतों में पानी भरने और तेज ओलावृष्टि होने से खेतों में फसल पूरी तरह चौपट हो गई। गदरपुर ग्राम नारायणपुर दोहरिया में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि से धान की खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचा। खेतों में फसल की जगह ओलों की सफेद चादर बिछ गई। किसानों ने कहा कि उन्होंने पिछले 70 वर्षों में ऐसा नुकसान नहीं देखा।महीनों की मेहनत को आंखों के सामने बर्बाद होता देख किसानों के चेहरे मायूस हो गए। फसल बर्बाद होने की सूचना मिलने पर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ग्राम नारायणपुर दोहरिया पहुंचे। फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इस मौके पर भजन सिंह, पूर्व प्रधान अवतार सिंह, ओमपाल सिंह, हरभजन सिंह, त्रिलोक सिंह, राम सिंह, हुकम सिंह, संतोष सिंह, सुखा भुसरी, वीरेंद्र सिंह, नेतराम, जरनैल सिंह, राजपाल सिंह आदि मौजूद रहे। क्षेत्र में हुई भारी ओलावृष्टि को देखते हुए सांसद अजय भट्ट ने बताया कि मुख्यमंत्री को भी इसकी जानकारी दी गई थी। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर बाजपुर में उतरा और वहां जानकारी लेकर अधिकारियों को तुरंत निर्देशित किया गया है।
