राहुल गांधी ने पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार पर साधा निशाना छात्रों की गूंज कार्यक्रम में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि पेपर कराने की जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए, निजी कंपनियों को नहीं। इस दौरान मंच पर जहां अभ्यर्थियों ने अपना पेपर लीक का दर्द साझा किया तो वहीं नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाली देहरादून की रिया थापा के पिता मंच पर फफक पड़े।देहरादून हवाई अड्डे पहुंचे राहुल गांधी ने सबसे पहले दिवंगत कांग्रेस नेता अमर मेहता के घर पहुंचकर श्रद्धांजलि देते हुए परिजनों को सांत्वना दी। इसके बाद उन्होंने एक निजी होटल में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक ली। शाम को रेसकोर्स स्थित बन्नू स्कूल में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में पेपर लीक प्रकरणों पर संवाद किया।करीब एक घंटे के संवाद में राहुल गांधी ने कहा कि देश में पेपर लीक का पूरा मेन्यू है। इसमें नीट का पेपर 40 लाख रुपये, आईआईटी का पेपर 15 लाख रुपये, उत्तराखंड पटवारी भर्ती का पेपर 15 लाख रुपये, बिहार की बेसिक शिक्षक भर्ती का पेपर 10 लाख और सब इंस्पेक्टर की भर्ती का पेपर 25 लाख रुपये में बेचा जाता है। रिया के पिता राजेश गुरुंग ने बताया कि उनकी बेटी परीक्षा देकर लौटी तो बेहद खुश थी। पेपर बहुत अच्छा हुआ था। आकर खाना खाया और सो गई। अगले दिन जब उन्होंने उससे पूछा तो बताया कि बहुत अच्छा पेपर हुआ है। कुछ दिन बाद जब पेपर लीक होने की जानकारी मिली तो रिया पूरी तरह उदास हो गई। वो टूट गई। उसने बोला, पापा हमारे साथ धोखा हुआ है। फिर अचानक एक दिन उसने जिंदगी खत्म कर ली। ये बताते हुए राजेश फफककर रोने लगे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एक उम्मीद है, जो कायम रहनी चाहिए।
