मौसम के बदले पैटर्न और जलवायु परिवर्तन के चलते इस साल भी गर्मी का असर बीते साल की तरह कम रहा। कुछ एक दिनों को छोड़ दें तो मैदानी इलाकों का अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास ही दर्ज किया गया।मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि उत्तराखंड में करीब पांच साल बाद मानसून सप्ताह भर की देरी से आएगा। जिससे गर्मी व उमस का असर और लंबे समय तक बना रहेगा। मानसून की धीमी रफ्तार के चलते प्रदेश में तापमान में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। हालांकि इस बीच हो रही हल्की बारिश राहत दिला रही है लेकिन बारिश के रुकते ही उमस परेशान कर रही है।मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार अगले दो दिन में प्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसून सक्रिय हो सकता है, लेकिन तब तक लोगों को गर्मी और उमस से जूझना पड़ेगा। उधर आंकड़ों पर नजर डालें तो सोमवार को दून में दिन का अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। सुबह से ही उमस भरी धूप ने परेशान किया। हालांकि दोपहर मौसम बदला और तेज दौर की बारिश ने राहत दिलाई। जिसके चलते रात का तापमान सामान्य रहा। ऐसा ही हाल प्रदेश के अन्य इलाकों में भी देखने को मिला।
