कैबिनेट ने राजकीय कर्मचारियों व पेंशनभोगियों के लिए संचालित स्टेट गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (गोल्डन कार्ड) को लेकर बड़ा फैसला लिया है।मंत्रिमंडल ने राजकीय कर्मचारियों से लिए जाने वाले मासिक अंशदान में प्रस्तावित 250 से 450 रुपये तक की बढ़ोतरी का निर्णय वापस ले लिया है। साथ ही गोल्डन कार्ड योजना के तहत अस्पतालों पर बकाया लगभग 200 करोड़ रुपये के भुगतान का रास्ता भी साफ कर दिया गया है।
कैबिनेट ने तय किया है कि राज्य में संचालित अटल आयुष्मान और गोल्डन कार्ड योजनाओं के संचालन ढांचे में बदलाव करते हुए इन्हें बीमा आधारित माडल पर संचालित करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।सरकार का मानना है कि इससे मरीजों को बेहतर उपचार मिलेगा, वहीं आयुष्मान योजना पर बढ़ते वित्तीय बोझ को नियंत्रित किया जा सकेगा।उत्तराखंड में आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश के सभी 23 लाख परिवारों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक के निश्शुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है।अब तक 17 लाख से अधिक मरीजों का मुफ्त इलाज हो चुका है। इस पर राज्य सरकार 3400 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है।वहीं करीब 12 लाख सरकारी कर्मचारी व पेंशनर्स एवं उनके स्वजन गोल्डन कार्ड का लाभ उठा रहे हैं। सरकार ने पिछले वर्ष गोल्डन कार्ड योजना में अंशदान बढ़ाने और इसे हाइब्रिड मोड पर संचालित करने का निर्णय लिया था।
