Judge’s gavel, Themis sculpture and collection of legal books on the brown background.
केदारनाथ यात्रा के दौरान हेली टिकट बुकिंग के नाम पर ठगी करने के मामले में अदालत ने तीन आरोपितों को दोषी पाया है।मामले के अनुसार वर्ष 2019 में विकास कुमार निवासी तुमौल, थाना घनश्यामपुर, जिला दरभंगा, बिहार, सौरभ सिंह निवासी 1553 रसानन्द इंटर कालेज के सामने वाली गली, ओमनगर, थाना मैनपुरी, उत्तर प्रदेश और पुनीत कुमार निवासी ग्राम तुमौल, थाना घनश्यामपुर, जिला दरभंगा, बिहार ने ‘एशियन हालिडे’ नाम से एक फर्जी वेबसाइट बनाकर खुद को पवन हंस हेली सेवा से जुड़ा बताया।तीनों उस समय गली नं.-5 ममूरा, सेक्टर-66 नोएडा में रह रहे थे। तीनों ने केदारनाथ यात्रा के लिए हेली टिकट बुकिंग का झांसा देकर लोगों को ठगना शुरू किया।ठगी का शिकार हुए गुरुग्राम निवासी स्वीकृति शर्मा से 12,960 रुपये, विपिन यादव से 30,500 रुपये और महाराष्ट्र के औरंगाबाद की चेतना प्रवीण सरवदे से 48,400 रुपये आनलाइन खातों में जमा कराए थे।जब पीड़ित फाटा हेलीपैड पहुंचे, तब उन्हें पता चला कि उनके टिकट फर्जी हैं। इसके बाद थाना गुप्तकाशी में मामला दर्ज कराया गया। जांच के दौरान तीनों के बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन के प्रमाण मिले। राज्य की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी विनीत उपाध्याय ने पैरवी की।न्यायिक मजिस्ट्रेट ऊखीमठ संतोष पच्छिमी की अदालत ने विकास कुमार, सौरभ सिंह और पुनीत कुमार को भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत तीन-तीन वर्ष कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।इसके अलावा धारा 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत छह-छह माह की सजा और 5-5 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।
