अब केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार एक वैकल्पिक मोटर मार्ग विकसित करने जा रही है। यह टू-लेन मोटर मार्ग चुन्नी बैंड से कालीमठ होते हुए सोनप्रयाग तक जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को केदारनाथ जाने के लिए नया रास्ता मिलेगा, वहीं आपदा की स्थिति में मुख्य मार्ग बाधित होने पर चौमासी गांव तक निकासी कराई जा सकेगी।वर्ष 2013 में केदारनाथ आपदा में मुख्य मार्ग बाधित होने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु फंस गए थे, तभी से यहां वैकल्पिक मार्ग बनाने पर विचार किया जा रहा था। अब केंद्र सरकार ने इस मार्ग को बनाने पर हरी झंडी दे दी है। यह मार्ग बनने से प्रतिवर्ष 15 से 20 लाख तीर्थयात्रियों के अलावा चौमासी और आसपास के ग्रामीण, खच्चर संचालक और सेवा प्रदाता लाभान्वित होंगे।केदारनाथ यात्रा में प्रतिदिन 40 से 50 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने से सोनप्रयाग को जाने वाले वर्तमान मार्ग पर बड़ा दबाव रहता है। यह क्षेत्र फ्लैश फ्लड, भूस्खलन व बादल फटने जैसी आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील है।
