जनगणना की अधिसूचना गृह मंत्रालय से जारी होने के साथ ही प्रदेश की प्रशासनिक और भौगोलिक सीमाएं सील हो गई हैं। 16 फरवरी से प्रशिक्षण शुरू हो रहा है जबकि पहले चरण के तहत मकान गणना का काम 25 अप्रैल से शुरू होगा।अब जनगणना होने तक किसी भी जिले, तहसील, निकाय, पंचायत, वार्ड की सीमाओं में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता।अधिसूचना जारी होने के बाद अब सरकार नए नगर निगम, नगर पालिका या नगर पंचायतों का गठन नहीं कर सकती। न ही किसी गांव को नगर निकाय में शामिल कर सकती है। जनगणना के सटीक आंकड़ों के लिए यह अनिवार्य है कि इस दौरान जिलों, तहसीलों और वार्डों की सीमाएं स्थिर रहें। यदि जनगणना के बीच में सीमाएं बदलती हैं तो जनसंख्या का डाटा मिसमैच व गलत हो सकता है। हालांकि सार्वजनिक सुविधाओं और सामान्य सरकारी कामकाज पर इसका कोई असर नहीं होगा।पहला- 25 अप्रैल से 24 मई 2026- मकान सूचीकरण एवं गणना ,दूसरा- 11 से 30 सितंबर 2026 – स्नोबाउंड क्षेत्रों में लोगों की गणना, तीसरा- 09 से 28 फरवरी 2027- अन्य क्षेत्रों में देशभर के साथ जनगणना

