closeup of the feet of a dead body covered with a sheet, with a blank tag tied on the big toe of his left foot, in monochrome, with a vignette added
अर्जुन हत्याकांड में लोन चुकाने से शुरू हुआ विवाद ,अमरदीप गैस एजेंसी अर्जुन के मां के नाम पर थी। कारोबार को चलाने के लिए बैंक से लोन भी चल रहा था। इसके अलावा सूत्रों का कहना है कि अर्जुन की मां ने इस संपत्ति को बैंक में बंधक रख कुछ और लोन भी उठाया था। अब वह इस संपत्ति को बेचना चाह रही थी। इस बात की भनक अर्जुन को लग गई।अर्जुन नहीं चाहता था कि यह एजेंसी बेची जाए। इस पर उसने बैंक को शिकायत कर दी। बैंक ने जब पाया कि बंधक संपत्ति को बेचने का प्रयास हो रहा है तो उसने आपत्ति लगा दी। यहीं से एंट्री होती है डॉक्टर साहब की। अर्जुन की मां के कहने पर डॉक्टर अजय खन्ना और उनके साथियों ने इस संपत्ति को बंधक कर लिया गया लोन चुका दिया। अब बैंक की तरफ से यह संपत्ति बिल्कुल मुक्त हो गई।चूंकि संपत्ति बेहद मौके की जगह है तो यहां पर दूसरी व्यावसायिक गतिविधियों जिनमें ज्यादा मुनाफा हो के लिए एकदम मुफीद है। इस पर कुछ और लोगों की भी नजर थी। बीच में कांटा था बस अर्जुन जो नहीं चाहता था कि उनका ठीक-ठाक चलता व्यापार बंद हो जाए।अभी तक गैस एजेंसी ही एक ऐसी वजह बताई जा रही है जो कि पुलिस की जांच की सबसे मजबूत और अहम कड़ी है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस इसी कड़ी के सहारे इन साजिशों के गलियारों से होती हुई इस ताने बाने को खोलना चाह रही है।

