देहरादून नगर निगम में विकास कार्यों की निविदाओं को लेकर उठे सवालों के बाद आखिरकार जांच पूरी हो गई है। रिपोर्ट के आधार पर नौ विकास कार्यों को निरस्त करने की संस्तुति की गई है, जबकि लापरवाही, पुनरावृत्ति और गंभीर त्रुटियों के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी विभागीय कार्रवाई अमल में लाई गई है। इससे पहले प्रारंभिक जांच में ही सात कार्यों में गड़बड़ी पकड़ में आ गई थी, जिसके बाद नगर निगम प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया।जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक होते ही निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।नगर निगम के अभियंत्रण अनुभाग की ओर से विभिन्न वार्डों में निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए आमंत्रित की गई निविदाओं को लेकर अलग-अलग स्तरों से शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इसके बीते 26 दिसंबर को एक जांच समिति का गठन किया गया।समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट 12 जनवरी को नगर आयुक्त नमामी बंसल को सौंपी। जांच के दौरान प्रस्तावित कार्यों के भौतिक सत्यापन के लिए पांच टीमों का गठन किया गया। टीमों की रिपोर्ट के आधार पर कुल 261 प्रस्तावित कार्यों में से 252 कार्यों को सही पाया गया, जबकि नौ कार्यों को निरस्त करने की सिफारिश की गई।नगर आयुक्त ने निगम के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, पारदर्शिता और सजगता के साथ करें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

