अंकिता भंडारी हत्याकांड सार्वजनिक हुए वीआईपी नेताओं पर कार्रवाई की मांग के लिए रविवार को जनसैलाब दून की सड़कों पर उतर आया। विभिन्न सामाजिक संगठन और विपक्षी राजनीतिक दलों ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया। हालांकि पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को हाथीबड़कला पर बैरिकेडिंग लगा रोक दिया।प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर ही बैठ सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में भारी संख्या में महिलाओं और पुरुषों के साथ युवाओं ने भी भाग लिया। सभी ने एक सुर में अंकिता को न्याय देने की मांग की और सीबीआई जांच नहीं कराए जाने पर नाराजगी जताई।विशाल रैली निकालते हुए लोग मुख्यमंत्री आवास कूच के लिए बढ़े। जैसे ही प्रदर्शनकारी हाथीबड़कला पहुंचे, पुलिस ने सभी को बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने कहा, अंकिता हत्याकांड में नए आरोपों के बाद अब इस मामले की नए सिरे से जांच होनी जरूरी है।11 जनवरी को उत्तराखंड बंद रहेगा। इसके लिए सभी व्यापार संगठन, सामाजिक संगठनों से वार्ता की जाएगी। वहीं उन्होंने सरकार को सप्ताहभर का समय देते हुए कहा, वीआईपी को जांच के दायरे में लाया जाए और सभी वीआईपी के नाम सार्वजनिक करें, जिन पर भी आरोप लगे हैं। रविवार सुबह करीब 11 बजे उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच, कांग्रेस, उत्तराखंड क्रांति दल, सीपीआई, बेरोजगार संघ, उत्तराखंड मूल निवास भू कानून संघर्ष समिति, गढ़वाल सभा महिला मंच और अलग-अलग सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग परेड ग्राउंड में एकत्रित हुए।
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August 27, 2026
