राज्य की सभी पेयजल लाइनों का आडिट किया जाएगा। राज्य में स्वच्छ जलापूर्ति के दृष्टिगत पेयजल सचिव शैलेश बगोली ने उत्तराखंड जल संस्थान और पेयजल निगम को इसके लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।प्रदेश के विभिन्न शहरों में भी जलापूर्ति करने वाली पेयजल लाइनें काफी पुरानी हैं। पेयजल सचिव बगोली के अनुसार जल संस्थान और पेयजल निगम को निर्देश दिए गए हैं कि वे पुरानी और जर्जर पेयजल लाइनों का तत्काल निरीक्षण करें। खासतौर पर उन स्थानों पर जहां पेयजल लाइनें नालियों अथवा सीवर लाइन के नजदीक हैं। यह देखा जाए कि पेयजल लाइनों में किसी प्रकार की लीकेज न हो। यदि कहीं ऐसा है तो उसे तत्काल दुरुस्त कराया जाए।कई स्थानों पर पेयजल लाइनें नालियों के पास से गुजर रही हैं तो कुछ स्थानों पर सीवर लाइन के नजदीक। यही नहीं, पूर्व में कई शहरों में दूषित जलापूर्ति की शिकायतें भी आती रही हैं। वह भी विशेष रूप से वर्षाकाल के दिनों में।

