उत्तराखंड में नियमित पदों के सापेक्ष आउटसोर्स या संविदाकर्मियों की नियुक्ति को लेकर शासन ने सख्त रुख अपनाया है। सभी विभागाध्यक्षों को स्पष्ट कर दिया गया है कि केवल उन्हीं पदों पर आउटसोर्स, संविदाकर्मियों का प्रस्ताव स्वीकार होगा, जिनकी नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया गतिमान हो। अपर सचिव कार्मिक गिरधारी सिंह रावत की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि 25 अप्रैल 2025 को पत्र जारी हुआ था, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि नियमित रिक्त पदों को नियमित चयन प्रक्रिया से भरा जाना आवश्यक होगा। 26 अगस्त को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति ने विभागीय प्रस्तावों को केस टू केस बेस पर कार्मिक विभाग के माध्यम से समिति के समक्ष प्रस्तुत करने की व्यवस्था की थी। कार्मिक विभाग को मिलने वाले प्रस्तावों में देखा जा रहा है कि विभाग संवर्ग में केवल उन्हीं पदों पर रख सकेंगे जिनकी नियमित चयन प्रक्रिया गतिमान हो। स्वीकृत नियमित पदों के सापेक्ष रिक्त पदों को नियमित चयन प्रक्रिया के बजाए संविदा, आउटसोर्स के माध्यम से भरने की कोशिश की जा रही है।यह नियुक्ति की अवधि छह माह या नई नियुक्ति होने तक ही होगी।

