ऋषिकेश नगर निगम का आउटर क्षेत्र वन भूमि पर बसा है। मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर हुई। सुप्रीम कोर्ट ने वन भूमि कब्जाने को लेकर कड़ी टिप्पणी की। साथ ही इस क्षेत्र में खाली पड़ी भूमि को लेकर उत्तराखंड सरकार को जरूरी निर्देश दिए। अफसरों की मानें तो पांच जनवरी तक सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल की जानी है। करीब 65 घंटे पहले शुरू हुआ सर्वे इस तरह बवाल का रूप लेगा, इसका अंदाजा पुलिस प्रशासन नहीं भांप पाया। शुक्रवार सुबह 6 बजे वन विभाग, राजस्व और पुलिस की टीमें सर्वे क्षेत्र में पहुंचने लगी थी। पहले दिन विरोध की गति सीमित रही। सर्वे की कार्रवाई शुरू हुई। विरोध में गलियों में बल्लियां लगाकर लोग उतर आए और सर्वे का विरोध शुरू कर दिया। दूसरे दिन हाइवे घंटों जाम रहा। तीसरे टीम फिर सर्वे के लिए पहुंची और सड़क से लेकर रेलवे ट्रैक तक बाधित हो गया। शांत माने जाने वाले तीर्थ नगरी में तीन जिलों की पुलिस को फ्लैग मार्च निकालना पड़ा।सर्वे के पहले दिन विरोध की गति धीमी जरूर रही, लेकिन आक्रोश चरम पर था। लोगों के बीच यह आशंका गहराने लगी कि जिनके घर भी हैं वह उजड़ जाएंगे।

