उत्तराखंड में नगर निकाय चुनाव के लिए शासन ने कसरत प्रारंभ कर दी है। इस कड़ी में नगर निकाय क्षेत्रों में ओबीसी (अदर बैकवर्ड क्लास) की स्थिति के संबंध में एकल समर्पित वर्मा आयोग से 27 जनवरी से पहले रिपोर्ट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। इसके आधार पर ही निकायों में ओबीसी के लिए आरक्षण तय किया जाना है।उधर, समर्पित आयोग ने 95 नगर निकायों की रिपोर्ट को अंतिम रूप दे दिया है। आयोग 25 जनवरी को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपेगा। माना जा रहा है कि इसके बाद अगले माह निकायों में ओबीसी आरक्षण का निर्धारण कर दिया जाएगा।प्रदेश में सौ नगर निकायों का पांच वर्ष का कार्यकाल पिछले साल दो दिसंबर को खत्म होने के बाद इन्हें प्रशासकों के हवाले कर दिया गया था। दो निकायों रुड़की व बाजपुर के चुनाव बाद में होने के कारण इनका कार्यकाल इस वर्ष मार्च-अप्रैल में खत्म होना है। इसी बीच समय पर नगर निकाय चुनाव न होने का मामला हाईकोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने छह माह के भीतर चुनाव कराने के आदेश दिए हैं। इसे देखते हुए शासन सक्रिय हो गया है।आयोग ने कुल 102 नगर निकायों में से 95 की रिपोर्ट तैयार कर ली है। असल में तीन निकायों बद्रीनाथ, केदारनाथ व गंगोत्री में चुनाव नहीं होते, जबकि कीर्तिनगर, नरेंद्र नगर, रुदप्रयाग व हरबर्टपुर के परिसीमन को अभी अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है।

