बुधवार को अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र सिंह व माता सोनी देवी न्याय के लिए इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गए। पिता वीरेंद्र सिंह ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि जब तक सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती है तब तक दुष्यंत गौतम को राज्यपाल के पद पर नियुक्त न किया जाए। उन्होंने सवाल किया कि हत्याकांड मामले में वीआईपी का नाम सामने आया तो फिर बचाने की कोशिश क्यों की जा रही है। उन्होंने बेटी की हत्या मामले में वीआईपी का नाम सार्वजनिक करने और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी व राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने इंडिया गेट पहुंच कर उनका समर्थन किया। गौतम की नियुक्ति से फिर से उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड में सियासत गरमा गई है।राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि चार साल से अंकिता भंडारी के परिवार को इंसाफ नहीं मिला लेकिन मामले में वीआईपी को संरक्षण और सांविधानिक पद का इनाम जरूर मिला। महिला विरोधी बीजेपी से न्याय की कोई उम्मीद नहीं की जा सकती।
