प्रदेश में अगस्त से अब तक 557 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। इससे संक्रमित पांच लोगों की मौत भी हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने पांच में से दो लोगों के मौत का कारण सिर्फ स्वाइन फ्लू को बताया था। सितंबर महीने में एकाएक स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है।स्वाइन फ्लू (इंफ्लुएंजा एच1एन1) के मामलों में लगातार दर्ज की जा रही बढ़ोतरी चिंता पैदा करने लगी है। बृहस्पतिवार को 24 घंटे में 24 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। सिंतबर महीने में स्वाइन फ्लू के मामलों में एकाएक बढ़ोतरी देखी गई है। एक सितंबर से अब मरीजों का प्रतिदिन के हिसाब से औसत 32 दर्ज किया गया है। यानी हर घंटे कम से कम एक मरीज संक्रमण की चपेट में आ रहा है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि स्वाइन फ्लू के अब तक सामने आए मरीजों में अधिकतर को-मॉर्बिड स्थिति से जूझ रहे हैं। यानी ऐसे मरीज जो पहले से ही किसी दूसरी बीमारी से जूझ रहे थे। अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी स्वाइन फ्लू की जांच की गई तो उनमें संक्रमण की पुष्टि हो गई। स्वास्थ्य विभाग इन मरीजों पर विशेष ध्यान रख रहा है। इन मरीजों की लगातार जांच की जा रही है। साथ ही चिकित्सकीय निगरानी भी तेज कर दी गई है।
