उत्तराखंड में झमाझम बारिश, ओलावृष्टि और तेज अंधड़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। वहीं कई जिलों में बिजली और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो गई। खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है।देहरादून समेत आसपास के क्षेत्रों में अंधड़ से पेड़ और बिजली के पोल धराशायी होने से नुकसान हुआ। बारिश के कारण पहाड़ से मैदान तक पारे में भी भारी गिरावट दर्ज की गई।मौसम विभाग ने सोमवार को भी प्रदेशभर में मौसम का मिजाज इसी प्रकार का बना रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। देहरादून समेत सात जिलों में तेज बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि को लेकर आरेंज अलर्ट जारी किया गया है।रविवार को प्रदेशभर में ही सुबह से घने बादल मंडराते रहे और गरज-चमक के साथ तीव्र बौछारों का दौर शुरू हुआ।देहरादून और मसूरी क्षेत्र में सुबह अचानक अंधड़ और तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। ज्यादातर क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में पांच से आठ डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले दो दिन प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गर्जन के साथ वर्षा और 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है।देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर जिलों के लिए आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि, तेज बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। इसके अलावा कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
