उत्तराखंड राज्य कर मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन के बैनर तले प्रदेशभर से सैकड़ों कर्मचारी देहरादून पहुंचे और परेड ग्राउंड से सचिवालय की ओर मार्च किया। पुलिस ने उन्हें पुलिस मुख्यालय के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। शासन पर निरंतर अनदेखी का आरोप लगाते हुए राज्य कर विभाग के कर्मचारियों ने सोमवार को सचिवालय कूच किया।इस दौरान पुलिस के साथ हल्की नोक-झोंक के बीच कर्मचारी सचिवालय के पास लगाए गए बैरिकेडिंग के समक्ष धरने पर बैठ गए और आवाज बुलंद की।बाद में सचिव दिलीप जावलकर ने कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया। वार्ता में मांगों पर सचिव ने सहमति जताई है।इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, महामंत्री इंद्रजीत सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विशाल अग्रवाल और संगठन मंत्री सुरेश शर्मा को सचिव वित्त दिलीप जावलकर ने वार्ता के लिए बुलाया।वार्ता में पहला बिंदु विभागीय पुनर्गठन का रहा। इस पर सहमति बनी कि विभागाध्यक्ष और आयुक्त कर के साथ शासन स्तर पर बैठक कर वर्तमान आवश्यक पदों की समीक्षा की जाएगी।वहीं राज्य कर अधिकारी नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव पर भी वित्त सचिव ने सहमति जताई। प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी ने कहा कि यदि शासन की ओर से दिए गए आश्वासन समय पर पूरे नहीं किए गए तो आंदोलन को और बड़े स्तर पर चलाया जाएगा।उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के कुल राजस्व में 50 प्रतिशत से अधिक योगदान देने वाले विभाग में कर्मचारियों के ढांचे का पुनर्गठन पिछले करीब 20 वर्षों से नहीं किया गया है।संगठन का कहना है कि वर्ष 2006-07 के बाद कर्मचारियों के स्वीकृत पदों की संख्या 777 पर ही रुकी हुई है, जबकि इसी अवधि में अधिकारियों के पदों में कई बार बढ़ोतरी की गई। वर्तमान में अधिकारियों के कुल स्वीकृत पद 481 हो चुके हैं।

