निवेशकों की करोड़ों की राशि हड़पकर फरार हुए बिल्डर शाश्वत गर्ग और उसकी पत्नी साक्षी गर्ग के खिलाफ अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी शिकंजा कस दिया है।दोनों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस नई प्राथमिकी के बाद दंपती की कानूनी परेशानी और बढ़ सकती है।सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में वित्तीय अनियमितताएं पुष्ट होती हैं तो ईडी पुष्पांजलि बिल्डर केस की तर्ज पर संपत्तियां कुर्क भी कर सकती है ईडी आने वाले दिनों में बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। जिसमें बिल्डर की संपत्ति अटैच की जाएगी।प्राप्त जानकारी के अनुसार, शाश्वत गर्ग देहरादून में दो हाउसिंग प्रोजेक्ट चला रहा था। जिसमें राजपुर क्षेत्र में हिलॉक्स हाउसिंग सोसाइटी और थानो रोड पर इंपीरियल वैली प्रोजेक्ट के नाम पर भारी हेरफेर किया गया।इन परियोजनाओं के नाम पर उसने कई निवेशकों से भारी निवेश जुटाया और निर्माण शुरू भी कराया, लेकिन फ्लैट सौंपने की निर्धारित तिथि नज़दीक आते ही वह परिवार सहित गायब हो गया।इसी प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने अब मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर दी है। एजेंसी दंपती के सभी बैंक खातों, धन प्रवाह, संपत्ति खरीद-फरोख्त और पुराने वित्तीय लेनदेन की विस्तृत समीक्षा करेगी।

